अंतराष्ट्रीय व्यवसाय प्रचालन में स्नातकोत्तर
डिप्लोमा वाणिज्य में स्नातकोत्तर उपाधि
सत्रांत परीक्षा
जून, 2010
आई बी ओ - 05: अंतर्राष्ट्रीय विपणन लॉजिस्टिकस
समय : 3 घंटे अधिकतम अंक : 100
नोट: कोई पांच प्रश्न कीजिये। सभी प्रश्नों के अंक समान है
- विपणन लॉजिस्टिकस संकल्पना की व्याख्या कीजिये तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में इसके महत्त्व का वर्णन कीजिये। 10
- (a) कुल लागत अवधारणा तथा लागत व्यापार संतुलन साथ साथ चलते है। विवेचन कीजिये।
(b) निर्यात माल के लिए अंतर्देशीय परिवहन विधि का चयन करते समय किन कारकों को ध्यान में रखना होता है? संक्षेप में उनकी व्याख्या कीजिये। 10
- " पिछले तीन दशकों के दौरान बहुप्रतिरुपीय परिवहन ने तेज प्रगतकी है। " इस कथन की समालोचना कीजिये तथा यह स्पष्ट कीजियकी बहुप्रतिरूप परिवहन अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्रों में माल को ले जाने में किस प्रकार लाभदायक सिद्ध हुआ है। 20
- एक जहाज को चार्टर करने में विभिन्न विधियां क्या है ? संक्षेप में उनकी व्याख्या कीजिये तथा इनमे से किसी एक विधि के अंतर्गत जहाज मालिकों एंव चार्टरकर्ताओं के उत्तरदायित्वों का वर्णन कीजिये। 8+12
- अंतर्राष्ट्रीय समुद्रिक लेनदेन के विभिन्न क्षेत्रों का उल्लेख कीजिये जहां छल एंव विवाद सामन्यता होते है। उन सामान्य रोकथाम उपायों की व्याख्या कीजिये जो की अंतर्राष्ट्रीय क्रेताओं विक्रेताओं द्वारा धोखाधड़ी से बचने के लिए अपनाया जाना चाहिए। 8+12
- निम्नलिखित में अंतर बताये : 7+7+6
- घरेलू तथा अंतर्राष्ट्रीय लॉजिस्टिकस
- लदान बिल (B/L) तथा चार्टर पार्टी
- जहाज मालिक ग्रहण अधिकार तथ असमुद्रि ग्रहण अधिकार
- भारतीय बंदरगाहों द्वारा जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है उनका वर्णन कीजिये। बंदरगाहों के विकास के लिए सरकार द्वारा दी गयी विभिन्न नीतिगत पहलों की व्याख्या कीजिये। 8+12
- निम्नलिखित में से किन्ही दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए : 10+10
- भारत में शिपरों (प्रेषकों) का पंजीयन
- चयनात्मक स्टॉक नियंत्रण
- लाइनर सुविधाओं
- की कीमत निर्धारण के आधार भूत सिद्धांत
- परेषकों (शिपरों) की समस्या के हल की सलाहकारी व्यवस्थाएं
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