स्नातक उपाधि कार्यक्रम
सत्रांत परीक्षा
जून, 2010
(व्यवहार मूलक पाठ्यक्रम)
ए ई डी -1 : निर्यात प्रक्रिया व प्रलेखीकरण
समय : 2 घंटे अधिकतम अंक : 50
नोट : किन्ही चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए जिनमे प्रश्न सं -7 शामिल हो
जो की अनिवार्य है।
- नए उदारीकृत शासन काल के प्रारम्भ से भारत के निर्यात विक्रय की मुख्य प्रवृत्तिओं का विवेचन करे। नए बाजार एंव उत्पाद कौन से है ? व्याख्या कीजिये।
- एक निर्यात व्यवसाय की स्थापना में विशेष रूप से आवश्यक अनुमोदन (Approvals) प्राप्त करने में सम्बन्ध में , क्या सोपान (Steps) निहित है ? व्याख्या कीजिये।
- निर्यातकर्ता एंव आयातकर्ता के बीच जोखिमों का वितरण करना निर्यात वित्तीयन के विभिन्न रूपों के विश्लेषण की एक प्रमुख समस्या है। इस संधर्भ में निम्नलिखित निर्यात वित्तीयन सुविधाओं का वर्णन कीजिये:
- पुष्टिकृत अविकल्पी अपरिवर्तनीय साख पत्र
- खुला खाता साख
- अग्रिम भुगतान
- प्रेषण विक्रय
- सामनिर्यात (Deemd Export) की परिभाषा कीजिये तथा भौतिक निर्यात (Physical Export) से इसका अंतर बताये / उन आपूर्तिओं (supplies) को सूचीगत कीजिये जिन्हे समनिर्यात माना जाता है। समनिर्यात की स्थिति में क्या सुविधाएँ प्रदान की जाती है ? विवेचन कीजिये|
- निर्यात माल के लिए केंद्रीय उत्पाद शुल्क की निकासी प्राप्त करने की कार्यविधि एंव सम्बन्ध प्रलेखीकरण का विवेचन कीजिये।
- लाइनर तथा ट्रैम्प (Liner and Tramp) जहाजी सेवाओं में अंतर बताये तथा निर्यात संवर्धन में उनकी भूमिका की व्याख्या कीजिये।
- निम्नलिखित में से किन्ही दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए
- जहाजी बिल
- विशेष आर्थिक क्षेत्र।
- शुल्क - मुक्त आयात प्राधिकार योजना (DFIA)
- डाकघर के माध्यम से निर्यात की कार्यविधि
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